/शनि जयंती: बन रहा है ये दुर्लभ संयोग, जानें क्या होगा आपकी राशि पर प्रभाव

शनि जयंती: बन रहा है ये दुर्लभ संयोग, जानें क्या होगा आपकी राशि पर प्रभाव

भारत में शनि देवता को बाकी सभी देवताओं से अलग माना जाता है। शनि देवता का उल्लेख हमें भारतीय पुराणो में मिलता है शनि देवता को कष्ट देने वाले भगवान भी कहा जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है शनि देवता कष्ट प्रदान या कष्ट देने वाले देवता नहीं वह कर्म प्रधान देवता है जो सभी लोगों को उनके कर्मो  के अनुसार फल देने वाले देवता हैं शनि देवता कठिन परिश्रम, अनुशासन, निर्णय लेने की क्षमता आदि गुणों के लिए जाने जाते हैं। शनि मनुष्‍ के इन्‍हीं गुणों से प्रभावित होकर फल देते हैं और जो लोग ऐसा नहीं करते हैं उन्‍हें ही अपने जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ता है ।

शनि जयंती पर विशेष

भारतीय पंचांग के अनुसार जहाँ शनिवार का दिन शनि जी का होता है लोग शनि मंदिर जाते  हैं विधि विधान पूजा पाठ करते हैं लेकिन जहाँ इस बार 3 जून को शनि जयंती का दिन होगा। साथ ही सोमवार का दिन होगा उस दिन सोमबती अमावस्या और महिलाओं के लिए सावित्री व्रत होगा। जो बहुत सालो में ऐसा शुभ मुहूर्त बन रहा है

शनि देव के पिता सूर्य देव हैं और उनकी माता का नाम छाया है जिससे उन्हे सूर्यपुत्र शनिदेव , मंदा, कपिलाक्‍क्षा और सौरी के नाम से भी जाना जाता है।

शनिदेव भगवान शिव शंकर और हनुमान जी  के परम भ‍क्‍त है और जिसके वजह से शनि देव कभी भी  भगवान शिव कि पूजा करने वाले लोगो को कष्ट नहीं देते एवम जो नियमित  शिव जी, हनुमान जी  के नाम का जाप करते है वह बिना कष्ट के सुख मे जीवन यापन करते है

शनिवार का दिन शनिदेव का दिन माना जाता है और इस दिन शनिदेव के साथ ही पीपल के पेड़ और हनुमान  जी की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। शनिदेव को ग्रहों की पूजा में भी शामिल किया जाता है क्योंकि शनि ग्रह भी हैं

शनिदेव की पूजा अक्सर लोग भय के कारण करते हैं ताकि उनके जीवन में किसी प्रकार का अनिष्ट न हो लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। शनिदेव कर्मप्रधान देवता हैं जो कर्मों के अनुसार फल देते हैं

शनिदेव की पूजा करने का सबसे अच्छा तरीका है उनका सरसों के तेल से अभिषेक कराना  ऐसा करने से सभी प्रकार की विपत्तियों से मुक्ति मिलती है

राशि में प्रभाव

1 इस बार धनु राशि में शनि जी का प्रभाव अधिक होगा जिसके लिए वह सूर्य भगवान  की पूजा करें, गरीबों को वस्त्रदान ,पशुओं की सेवा, शनि जी की पूजा करें।

2 जहाँ पर इस बार मेष ,सिंह कन्या तुला राशियों पर भी थोड़ा शुभ प्रभाव  होगा

 और वृष ,धनु  ,कुंभ  राशियों के लिए थोड़ा अशुभ संकेत है।

3  जहाँ इन राशियों वालो को अपना ध्यान रखे शनि मंदिर जाये, पूजा पाठ करें, वस्त्र दान करे लोगो की मदद करे।

ऐसे करें पूजा

– शनि मंदिर के साथ साथ हनुमान जी के दर्शन करना ना भूलें।

– शनि जयंती और शनि पूजा के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

– अगर इस दिन आपकी किसी यात्रा का कार्यक्रम निर्धारित है तो उसे स्‍थगित कर दें।

– किसी जरूरतमंद गरीब व्यक्ति को तेल में बने पकवान ‌खिलाएं।

– शनिदेव की प्रतिमा या तस्वीर को देखते समय उनकी आंखो में नहीं देखना चाहिए।